शिक्षक बिना पढ़ाई चौपट – बदहाल है नगर में परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था
-नगर क्षेत्र कायमगंज के 13 परिषदीय स्कूलों में केवल दो अध्यापक खाना पूरी के लिए – कहीं प्राइवेट नाबालिग तो कहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और शिक्षामित्र के द्वारा बच्चों की हो रही पढ़ाई
– नाबालिग द्वारा स्कूल में पढ़ाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है
– भास्कर ब्यूरो
– रिपोर्टर जयपाल सिंह यादव
कायमगंज / फर्रुखाबाद 23 अक्टूबर 2024
सभी को शिक्षा मिले इस सिद्धांत पर अमल करते हुए भले ही शासन प्रदेश के अन्य स्थानों पर परिषदीय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित होने का दावा कर रही हो । लेकिन सरकार का यह दवा जनपद फर्रुखाबाद के नगर क्षेत्र कायमगंज में पूरी तरह असफल साबित होता दिखाई दे रहा है । कहा जाता है कि मकान की मजबूती के लिए उसकी नींव का मजबूत होना आवश्यक है – ठीक उसी तरह बच्चों के भविष्य के लिए उसे प्राथमिक शिक्षा भली प्रकार उपलब्ध कराई जाए यह भी उतना ही आवश्यक है। किंतु कायमगंज में यह कहावत भी बेमानी साबित हो रही है । बता दें कि इस नगर क्षेत्र में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक9 तथा 4 जूनियर हाई स्कूल है । जिन्हें संविलियन के नाम से एक ही परिसर में दोनों प्रकार के स्कूल स्थित होने की स्थिति में एक मानकर संख्या 11 है बताई जा रही है । वास्तव में प्राथमिक व जूनियर श्रेणी के हिसाब से आज भी उनकी संख्या 13 ही है । किंतु वर्तमान में इन सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या मात्र दो रह गई है । इस तरह किसी स्कूल में शिक्षामित्र शिक्षण व्यवस्था को संभाल रहे हैं तो कहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी , वही एक आद स्कूल में इस विद्यालय का अथवा पड़ोस का रहने वाला कोई किशोर थोड़े बहुत पैसों पर शिक्षकों द्वारा रखकर शिक्षा व्यवस्था के काम में लगा दिया गया है । ऐसा ही एक मामला इस नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल गंगा दरवाजा शिवाला भवन परिसर में स्थित विद्यालय में सामने आया । यहां पर स्थाई रूप से प्रधानाध्यापक का चार्ज विनोद कुमार तिवारी के पास है । लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते इन्हें लगभग चार-पांच अन्य स्कूलों का भी प्रशासनिक कार्यभार सौंप दिया गया है । इन्होंने व्यवस्था के लिए एक नाबालिक लड़के को स्कूल में पढ़ाने के लिए अपने स्तर से रख लिया है । वह नाबालिग युवक कुछ पढ़ा लिखा भी ज्यादा नहीं है । लेकिन आने वाले बच्चों को स्कूल समय में घेर कर बैठाए रहता है और शिक्षा के नाम पर बच्चों को विषयबार कोई भी ज्ञान कायदे से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है । इस तरह यहां पढ़ने वाले बच्चे पढ़ तो रहे हैं या यूं कहें कि समय काट रहे हैं । लेकिन उनके भविष्य का क्या होगा ? यह सभी आसानी से समझ सकते हैं । ठीक इसी तरह अन्य स्कूलों का भी कामोवेश यही हाल है । जब इस संबंध में नगर खंड शिक्षा अधिकारी कायमगंज से बात की गई । तो उन्होंने माना कि नगर क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी है और इस समस्या के हल करने हेतु कई बार सक्षम अधिकारियों के माध्यम से शासन – प्रशासन तक पहल की गई । किंतु आज तक कोई समाधान नहीं निकला । ऐसे में कुछ भी कह पाना या करना फिलहाल संभव नहीं है । अब आप विचार कर सकते हैं कि जब सरकारी स्तर से संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं है , तो फिर इन स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब तथा मध्य वर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य चौपट होने से भला कैसे बचाया जा सकता है । यह अनुत्वरित प्रश्न एक पहेली बनकर रह गया है । बरहाल मोहल्ला गंगादरवाजा परिषदीय विद्यालय में नाबालिग किशोर द्वारा पढ़ाये जाने का वीडियो शोसल मीडिया में तेजी से प्रसारित हो रहा है । हालांकि इसकी पुष्टि आपका समाचार माध्यम नहीं करता – यह गंभीर मामला वैसे तो जांच का विषय है – लेकिन वायरल वीडियों हकीकत तो दर्शा ही रहा है ।
