भास्कर न्यूज़ एजेंसी –
काशी संवाददाता –
भक्त होली खेलते और जयकारे लगाते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह पहुंचे। बाबा की पालकी अंदर गई और वहां रंग खेले गए। पालकी जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने बाहर भक्तों को गंगा द्वार पर ही रोक लिया।
भक्त अंदर जाना चाह रहे थे, जिससे पुलिस से कहासुनी हो गई। इसी दौरान एक सिपाही ने बटुक का मुंह नोचा और फिर थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। सिपाही ने ताबड़तोड़ तीन थप्पड़ मारे, इसके बाद दरोगा ने उसके बाल नोचे, फिर लाइन से खींचकर बाहर निकाल दिया। घंटों कतार में लगने के बावजूद उसे प्रवेश नहीं मिल सका।
शुक्रवार को रंगभरी एकादशी पर शिव भगवान, माता पार्वती के साथ पालकी में सवार होकर मंदिर के गर्भगृह पहुंचे। पालकी जाने के बाद पुलिस ने बटुकों को बाहर रोक दिया। इसे लेकर बटुकों की पुलिस से कहासुनी हो गई। पुलिसकर्मियों ने गुस्से में बटुक के साथ मारपीट कर दी। एक महिला पत्रकार से भी बदसलूकी की बात सामने आई है।
