भास्कर न्यूज़ एजेंसी-
लखनऊ संवाददाता –
एक के बाद एक कई पीड़ित सामने आए जिन्होंने बैंक अधिकारियों पर भी धोखाधड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्होंने न शिवा राव को पैसे दिए न ही ब्रांच में जमा किए।[आर टी जी एस] के जरिये जो रकम ट्रांसफर हुई, वह भी गायब हो गई है। कई लोगों ने बेटी की शादी के लिए पैसे इकट्ठा किए थे। ऐनवक्त पैसा न होने का पता चलने पर शादी की डेट टालनी पड़ी।
लखनऊ में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर उनका अकाउंट खाली करने वाले बैंक मित्र शिवा राव की मां और पत्नी भी गिरफ्तार हो गई हैं। पुलिस ने इन दोनों के साथ नौकर को भी हिरासत में लिया है। इनके खातों से 12 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन मिले हैं। वहीं, शिवा ने अपना आलीशान घर बनवाने के साथ नौकर के लिए कार भी खरीदी थी। मामला पारा इलाके में शकुंतला विश्वविद्यालय कैंपस स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का है।
यहां कर्नाटक का रहने वाला शिवा राव बैंक मित्र के रूप में काम करता था। उसने लोगों को बैंक जाने के बजाय खुद के पास पैसे जमा कराए। उनकी FD की। बाद में जब मैच्योरिटी की डेट आई तो लोगों को न FD मिली और न ही उनके अकाउंट में जमा लाखों रुपए। इसके बाद लोगों ने बैंक की ब्रांच में जमकर हंगामा किया।
पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद 1 मार्च को बैंक मित्र शिवा राव की मां कारा निर्मला, पत्नी भाग्यवती और उसके नौकर नरौना के विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खातों में करीब 12 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ। शिवा ने ठगी की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए अपने नौकर विकास के खाते में ट्रांसफर किए। इतना ही नहीं, ऐंठे पैसों से नौकर के लिए कार भी खरीदी।
