March 7, 2026
Bhaskar News Agency
उत्तर प्रदेश

तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से गन्ना धान बाजरा आदि फसलों में हुआ भारी नुकशान

तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से गन्ना धान बाजरा आदि फसलों में हुआ भारी नुकशान
– पानी की आसमानी बौझारों तथा जलभराव से जनजीवन रहा अस्त-व्यस्त
– जलभराव तथा व्याप्त गंदगी से संक्रामक रोगों के फैलने की बढ़ी आशंका
रिपोर्टर जयपाल सिंह यादव
कायमगंज / फर्रुखाबाद
तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में खड़ी गन्ना धान बाजरा आदि फसलें खेतों में ही गिर कर विछ गई । ऐशा लग रहा है कि कुदरत ने इन फसलों पर पाटा लगा दिया हो । जमीन पर गिरी फसलें देखकर मेहनकश किसान बहुत परेशान होने लगा है । किसानों का कहना है कि जो फसल गिर गई है उसकी पैदावार बहुत कम हो जायेगी । बे बताते हैं कि गन्ना मिट्टी के सम्पर्क में आकर अनचाहे बहुत बडी संख्या में कल्ले छोड़ देगा साथ ही नीचे की परत गल सड़ कर बेकार हो जायेगी । ठीक इसी तरह धान और बाजरा के पौधे गल जायेंगे । बालियों के दाने भी खराब हो जाने से पैदावार इतनी अधिक प्रभावित होगी कि लागत मूल्य भी पूरा नहीं हो पायेगा । ऐशे में खुद संचित पूजी लगाकर या क़र्ज़ लेकर फसलें बोई थी । बर्बाद होने से किसान कर्ज के बोझ से दब कर तबाह होने की कगार पर पहुंच जायेगा । साथ ही बच्चों की शिक्षा और परिवार के भरण पोषण की भी समस्या सामने आने से जीवन यापन करना मुश्किल हो जायेगा । बता दें कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र व आसपास के गांव में आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। भारी बारिश के कारण जिले को रेड अलर्ट में रखा गया था। मूसलाधार बारिश के कारण पिछले दो दिन से कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद कर दिया गया था। नगर के नाली व नाले उफनाने लगे थे। सड़के जलमग्न हो गई थी। लोगों को घर से निकलने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पडा था। बारिश के कारण बड़े बड़े पेड बिजली की लाइन पर गिर गए थे। लोगों को बिजली समस्या से भी दो चार होना पड़ा था। कायमगंज सहित आसपास के क्षेत्र में गन्ने की फसल को मुख्य आर्थिक फसल माना जाता है। वहीं धान और बाजरा की फसलें परिवार के भोजन तथा इनसे पशुओं को चारा उपलब्ध हो जाता है । जिससे किसानों की गुजर बशर हो जाने की उम्मीद थी ।उस उम्मीद पर भी यह प्राकृतिक आपदा कहर बन कर टूट पड़ी । किसानों का कहना है कि बर्षा से तो राहत मिलती किन्तु तेज हवाओं ने सब कुछ बिगाड़ कर रख दिया । ऐशी स्थिति में अन्नदाता जो भविष्य में अपने जरूरी काम करने की योजना बनाए था सभी काम बिगड़ते देख अपने भाग्य को कोसता हुआ । चितांग्रस्त हो रहा है । बर्षा तथा हवाओं के कारण पिछले तीन दिन तक बिजली की आपूर्ति बंद रही । वहीं सड़कें गलियां नालियां कच्चे रास्ते सभी कचरा मिट्टी से भर से गए हैं गंदगी फैलने से निकट भविष्य में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है ।

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