मुंह में रखा बेर गले में फसने से मासूम की दुखद मौत
– मां के साथ ननिहाल आई थी सात माह की बेटी सौम्या – असमय मौत से दोनों परिवारों में छाया मातम
– डाक्टर की सलाह बच्चो से कंछा बेर या फिर ऐशी चीजें जिन्हें बच्चे आसानी से निकल नहीं सकते दूर ही रखें
भास्कर न्यूज : –
रिपोर्टर जयपाल सिंह यादव
कायमगंज / फर्रुखाबाद
कहा जाता है कि जन्म और मृत्यु का समय तथा स्थान निश्चित होता है । वहीं मौत का इलाज नहीं बल्कि इलाज केवल मर्ज का होता है । यह बात आज मासूम बेटी की मौत के गम में बिलखती मृतका मां तथा अन्य लोगों के करुण क्रंदन से झलक रही थी । दुखद घटना के सम्बंध में बताया गया कि जनपद अलीगढ़ गांव मिथिलापुरी निवासी अजयशर्मा की पत्नी रुचि अपनी सात माह की अबोध बेटी सौम्या को लेकर लगभग 15 दिन पहले अपने मायके कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव ललई आयी थीं । मृतका मासूम सौम्या के नाना ने बताया कि आज घर पर बच्चे बेर खा रहे थे । वहीं सौम्या भी थी । सौम्या ने भी हंसते हुए छपट कर एक बेर हाथ में ले लिया और अपने मुंह में रख कर बेर को खाने का प्रयास कर रही थी । अचानक बेर उसके गले में फस गया । जिससे बच्ची छटपटाने लगी । यह देख मुंह में ऊंगली डाल साथ ही कई तरह से बेर को निकालने का प्रयास किया किन्तु बेर नहीं निकला । हालत बिगडती जा रही थी । घवराए परिजन तुरंत बच्ची को लेकर सीएचसी पहुंचे । जहां ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने सौम्या को मृत घोषित कर दिया । रुचि के दो संतान थी । बेटा तथा यही बेटी । आज बेटी कीअसमय मृत्यु से दोनों परिवारों में मातम छा गया । मां व अन्य सभी बिलख बिलख कर रो रहे थे ।
* चिकित्सक की सलाह* :- सीएचसी में तैनात डा० अमरेश कुमार ने कहा कि अबोध बच्चों को ऐशी चीजों से दूर रखें जो चीजें बच्चे आसानी से चबा या निगल नहीं सकते । इनके गले में फसने की संभावना होती है । गले में यदि कोई वस्तु फस जाती है तो बच्चा सांस लेने में दिक्कत महसूस करता है । कभी कभी ऐशी स्थिति में दम घुटने से मौत हो जाती है । ऐशा ही इस मासूम सौम्या के साथ भी हुआ । इसलिए सिक्के . कंछा . साबुत चने मटर के दाने साथ ही ऐशी अन्य चीजों से बच्चों को दूर ही रखना चाहिए ।
