शमशाबाद फर्रुखाबाद:- अखिल भारतीय किसान यूनियन द्वारा मंगलवार को कायमगंज उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन के पदाधिकारियों ने विभिन्न किसान समस्याओं को उठाते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।
छह प्रमुख मांगें:
1. पंजाब के किसानों की रिहाई: यूनियन ने पंजाब आंदोलन से जुड़े किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की।
2. बीज किट वितरण में गड़बड़ी: नवाबगंज कृषि प्रभारी पंकज कुमार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार की निःशुल्क बीज किट योजना की सही जानकारी किसानों को न देने और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच की मांग की गई।
3. आंगनबाड़ी पोषाहार वितरण में गड़बड़ी: शमशाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत पसियापुर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार न देने और राशन के गबन की निष्पक्ष जांच की मांग।
4. सघन सहकारी समिति बरविकु में घोटाले की जांच: किसानों के साथ हुए आर्थिक घोटाले की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई गई और तत्काल जांच की मांग की गई।
5. कृषि ऋण और रोजगार योजना में धांधली: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत किसानों को लोन न मिलने और बैंकों द्वारा किसानों को परेशान किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई। किसानों का कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा, जिससे वे आत्मदाह तक करने को मजबूर हो रहे हैं।
6. अंश निर्धारण में किसानों का उत्पीड़न: किसानों ने उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण (भूमि बंटवारे) के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न को तुरंत रोकने और इसमें लिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना, जिला प्रभारी जयदेव सिंह शाक्य, प्रदेश महासचिव हुकम सिंह यादव, रोहित गंगवार, नवरंगी लाल, बाबूराम यादव, रामनरेश, राजेश कुमार, नीरज कुमार, अजय पाल सिंह, शिवराज सिंह, रमेश चंद्र पाल एवं सुरेश चंद्र प्रजापति ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।किसानों ने कहा कि वे अपने हक और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और जल्द ही सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जिलेभर में प्रदर्शन किया जाएगा।
अखिल भारतीय किसान यूनियन ने सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन, किसानों के मुद्दों पर की कार्रवाई की मांग
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