भास्कर न्यूज एजेंसी : –
रिपोर्टर – जयपाल सिंह यादव
कायमगंज / फर्रुखाबाद
राष्ट्रीय प्रगतिशील फोरम द्वारा आयोजित आध्यात्मिक गोष्ठी में वक्ताओं ने श्री राम को संपूर्ण मानवता का दिशा दर्शक बताया । इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार, समीक्षक एवं लेखक डॉ जगदीश व्योम पूर्व उप शिक्षा निदेशक दिल्ली प्रशासन ने कहा कि श्री राम स्वर्ग से कोई संदेश लेकर नहीं आए थे । वल्कि उन्होंने इसी धरती को स्वर्ग बनाने का संकल्प लिया था ।वे किसी जाति धर्म या क्षेत्र की सीमा से परे हैं । वे संपूर्ण मानवता के प्रेरणादायक संत हैं। प्रोफेसर रामबाबू मिश्र रत्नेश ने कहा कि श्री राम विग्रहवान धर्म हैं । वह जो कुछ करते और कहते हैं वही धर्म है ।संसार में कहीं भी उनके जैसा महामानव इतिहास में ढूंढे नहीं मिलता ।प्रधानाचार्य शिवकांत शुक्ला ने कहा कि श्री राम जीवन चरित्र हर किसी के लिए आदर्श है ।
उनकी कथा का वाचन सही है ।लेकिन उनके आचरण का अनुसरण करना अधिक सटीक है। शिक्षक नेता जगदीश दुबे ने अपने विचार इस प्रकार रखे कि भारतीय राष्ट्र धर्म और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री राम संपूर्ण विश्व के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं ।वह सही मायने में जैसा कि डॉक्टर इक़बाल ने कहा था कि राम इमामे हिंद हैं। गीतकार पवन बाथम ने कहा कि आज के हिंसा और उन्माद से पीड़ित विश्व को श्री राम जैसे महानायक की आवश्यकता है । जो हाथ उठाकर संकल्प लें -निशिचर हीन करूं महि।
आज हमारी संस्कृति पर चारों ओर से प्रहार हो रहे हैं इन्हें रोकने के लिए धनुर्धर राम के आचरण की आवश्यकता है। युवा कवि अनुपम मिश्रा ने कहा कि
देखे आस्था पंथ मत जग के तीरथ धाम।
कहीं न देखें आज तक भारत के से राम।।
आध्यात्मिक गोष्ठी में वक्ताओं ने श्री राम को संपूर्ण मानवता का दिशा दर्शक बताया
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