भास्कर न्यूज :-
फर्रुखाबाद –
यूनाइटेड टीचर्स एशोसिएशन उत्तर प्रदेश (यूटा ) ने परिषदीय स्कूलों को मर्ज करने के नाम पर समाप्त किए जाने के सरकारी फैसले का कड़ा विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन भोजपुर क्षेत्र के भाजपा विधायक नागेन्द्रसिंह राठौर को सौंपा । शिक्षकों का कहना है कि शासन का यह निर्णय शिक्षा शिक्षक और छात्रों के हित में नहीं है । खास कर बेटियों की शिक्षा पर इसका बहुत अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है । इसलिए सरकार इस पर तत्काल पुनर्विचार करें और इस निर्णय को लागू न किया जाए । यूनाइटेड टीचर्स एशोसिएशन के सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा के शीर्ष पुरुष प्रमुख पार्टी संस्थापक सदस्य भारत रत्न तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी बाजपेयी के बिचार से अवगत कराने का प्रयास करते हुए कहा है उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश में सर्व शिक्षा अभियान प्रारम्भ किया था । तत्कालीन सरकार की सोच थी की 6 वर्ष से 14 वर्ष तक आयु के बच्चों को सुलभ व आवश्यक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। इस हेतु प्रत्येक गांव- मजरे में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई। वर्तमान में उ.प्र.शासन के द्वारा कम छात्र संख्या नामांकन के आधार पर परिषदीय स्कूलों को मर्ज कर बंद करने का निर्णय लिया गया है। अत्यंत जल्दबाजी में लिया गया उक्त निर्णय गरीब बच्चों के लिए बेहद अहितकर होगा, इसके परिणामस्वरूप समाज में शैक्षिक असमानता व बालिकाओं के ड्रॉपआउट में बढोत्तरी होगी। साथ ही कहा गया है कि समूचे गाँव में स्कूल ही एक ऐसा स्थान होता है जो जीवंत विश्वास, भरोसे व अनुशासन का सजीव केन्द्र होता है, शिक्षा की नीति का उद्देश्य विद्यालयों को गिनती में समेटना नहीं बल्कि हरएक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाना है। यदि किसी स्कूल में कम नामांकन है तो वहां समुचित संसाधन व अध्यापक भेजने की आवश्यकता है न कि उस विद्यालय को समाप्त कर देना न्यायसंगत है। इसलिए
शिक्षक संगठन- यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) व्यापक जनहित, छात्रहित व शिक्षा के हित में आपसे उक्त निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए विद्यालयों को यथावत संचालन करने के आदेश निर्गत करने की मांग करता है। ज्ञापन अवसर पर संगठन के पीयूष कटियार जि०अ०, पंकज यादव महामंत्री , विनोद गौतम, अनिल वर्मा सहित अधिकांश पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
