भास्कर न्यूज़ एजेंसी
संवाददाता लखनऊ – दुनिया का 58वां सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां का पार्टिकल मैटर माइक्रोग्राम 2.5 का औसत 54.2 µg/m³ (माइक्रोग्राम घन प्रतिमीटर) दर्ज हुआ है। 2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास वाले कितने धूलकण एक घनमीटर हवा में मौजूद हैं। ये कण उड़ती धूल, वाहनों के धुएं, निर्माण और टूटे घरों के मलबे में रहते हैं। इन्ही से धुल धक्कड़ बनके आता है
स्विट्जरलैंड की संस्था आईक्यूएयर की तरफ से 2025 के जारी आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सबसे प्रदूषित 100 शहरों में 64 भारत के हैं। इनमें भी उत्तर प्रदेश के 11 शहर शामिल हैं। गाजियाबाद का लोनी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर के रूप में शामिल हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की नसीहत दी है। घर से बाहर निकलने से पहले मुँह पर मास्क जरुरी है मास्क से धूल मुँह में प्रवेस नहीं करेगी
