माडर्न पब्लिक स्कूल, फर्रूखाबाद में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम दिलाई सड़क सुरक्षा शपथ

भास्कर न्यूज़ एजेंसी

फर्रुखाबाद – अवयस्क द्वारा वाहन चलाने पर अभिभावक को 03 वर्ष की जेल

जिलाधिकारी फर्रूखाबाद श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी जी के निर्देशन में आज दिनांक 04/11/2025 को माडर्न पब्लिक स्कूल,

फर्रूखाबाद में विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा उपायों से अवगत कराने हेतु एक विशेष व्याख्यान सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में एआरटीओ-प्रवर्तन श्री सुभाष राजपूत ने विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा बताया कि माह सितम्बर 2025 तक जनपद फर्रूखाबाद में 358 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं जिनमें 225 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा 288 व्यक्ति घायल हुये हैं। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार मृतकों में लगभग 20 प्रतिशत व्यक्ति पैदल यात्री होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों और यातायात के प्रति सतर्क रहने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क पर चलते समय पैदल यात्री, वाहन चालक एवं साइकिल सवार सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसके साथ ही उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन का उपयोग न करने की कठोर चेतावनी दी। श्री राजपूत के द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में घटित लगभग 65 प्रतिशत दुर्घटनाओं में शामिल कम से कम एक वाहन दो पहिया है तथा मृतकों की संख्या में लगभग 60 प्रतिशत दो पहिया वाहन सवार है।

एआरटीओ-प्रवर्तन द्वारा अवगत कराया गया कि अवयस्क द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेन्स के विद्यार्थियों के द्वारा वाहन चलाये जाते पाये जाने पर चालान के साथ-साथ संरक्षक/मोटरवाहन स्वामी के विरूद्ध मोटर वाहन संशोधन अधिनियम, 2019 की धारा-199क के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी, जिसके अन्तर्गत प्राविधान है कि किसी किशोर द्वारा मोटरवाहन अपराध में किशोर के संरक्षक/मोटरवाहन के स्वामी को ही दोषी मानते हुये दण्डित किया जाये। संरक्षक/मोटरवाहन के स्वामी को 03 वर्ष तक कारावास तथा 25 हजार रू0 तक का जुर्माना आरोपित किया जा सकता है तथा अपराध में प्रयुक्त वाहन का पंजीयन 01 वर्ष की अवधि के लिये निरस्त कर दिया जायेगा तथा ड्राइविंग लाइसेन्स 25 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरान्त ही बन सकेगा।
एआरटीओ-प्रवर्तन द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी 1648 छात्र.-छात्राओं को सड़क सुरक्षा शपथ दिलाते हुये उनसे अपील की गई कि वह विद्यालय आने वाले वाहनों जैसे-ऑटो, ओमनी वैन, बस आदि की जानकारी अपने विद्यालय को दें ताकि परिवहन विभाग द्वारा उन वाहनों की फिटनेस जाँच की जा सके। सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा साहित्य भी वितरित किया गया।
व्यक्तित्व विकास पर बल देते हुए श्री राजपूत ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समयबद्धता, कर्त्तव्यनिष्ठा और सहयोग जैसे गुणों को अपनी जीवन शैली में शामिल करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अच्छे गुणों का समावेश न केवल व्यक्ति के विकास के लिए, अपितु समाज की उन्नति के लिए भी आवश्यक है। विद्यालय की निदेशक श्रीमती निमिषा गुप्ता ने एआरटीओ-प्रवर्तन का हार्दिक स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। इसी क्रम में समस्त विद्यार्थियों व शिक्षकों ने दैनिक जीवन में यातायात नियमों का पालन करने तथा इस संबंध में समाज में जागरूकता का संचार करने का संकल्प लिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री आलोक सक्सेना द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य श्री रवि श्रीवास्तव, जिला स्काउट मास्टर श्री सुधीर कुशवाहा तथा स्कूल अन्य शिक्षण स्टॉफ उपस्थित रहा।

Related posts

:फर्रुखाबाद में रास्ते को लेकर विवाद बाइक सवार ने ई-रिक्शा चालक को पीटा,

शंकराचार्य बोले-योगी के पास 6 दिन का समय बचा:गाय को राष्ट्र माता घोषित करें

फर्रुखाबाद में पुलिसकर्मियों ने खेली होली, :डीजे पर जमकर डांस किया ,और गाना भी गाया