हाईकोर्ट वकील के ऊपर हॉकी-डंडे से मारकर कि हत्या ; आवाज आई- ट्रैक्टर चढ़ा दिया

भास्कर न्यूज़ एजेंसी –

गोंडा संवाददाता -इस मारपीट में वकील के बेटे और 2 भतीजे भी घायल हैं। गोंडा मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 9 बीघा जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। अपने पक्ष में फैसला आने के बाद वकील रविवार को खेत की जुताई करने पहुंचे थे। तभी विरोधी पक्ष के 15-20 लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार लेकर पहुंचे और हमला कर दिया

सुदाई पुरवा गांव के 67 वर्षीय सुभाष चंद्र मिश्रा लखनऊ हाईकोर्ट में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं। वह एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं। उनके दो बेटे हैं-बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा भी हाईकोर्ट में अधिवक्ता है, जबकि छोटा बेटा अनुराग मिश्रा खेती-बाड़ी संभालता है

वकील की हत्या के बाद सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि ट्रैक्टर से विवादित खेत की जुताई की जा रही है। ट्रैक्टर पर दो लोग बैठ हैं। 10 से 12 लोग लाठी-डंडे और हॉकी लेकर खड़े हैं। वीडियो में आवाज आ रही है कि देखिए हमने इस जमीन का बैनामा कराया है, उसे दबंगई से जोता जा रहा है।

अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा के पिता पारस मिश्रा की 30 साल पहले मौत हो चुकी है। उनके चार बेटे थे-सुभाष चंद्र मिश्रा (हाईकोर्ट अधिवक्ता), दिनेश मिश्रा (मृत), अरुण मिश्रा (वर्तमान में किसान इंटर कॉलेज भंभुआ में क्लर्क के पद पर तैनात) और सबसे छोटे बेटे अभय मिश्रा।पारस मिश्रा के छोटे भाई जगदंबा मिश्रा की केवल दो बेटियां थीं। उन्होंने कोरोना काल में अपनी मौत से 1–2 साल पहले अपने 9 बीघा जमीन की वसीयत अपने भतीजे सुभाष मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अभय मिश्रा के नाम कर दी थी।

वीडियो में वकील सुभाष चंद्र भी दिख रहे हैं। इसी दौरान हाँकी के साथ कुछ लोग आय  । फिर दोनों  पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है। कुछ देर बाद आवाज आती है, पुलिस आ गई भागो। फिर वीडियो में अंधेरा छा जाता है और आवाज आती है कि ट्रैक्टर चढ़ा दिया।

कोरोना काल में जगदंबा मिश्रा की मौत के बाद उनकी पत्नी रामावती के नाम 9 बीघा जमीन दर्ज हो गई थी।

वसीयत करते समय जगदंबा मिश्रा ने अपने भतीजे अरुण मिश्रा के नाम जमीन नहीं की थी, क्योंकि पिता पारस मिश्रा की मौत के बाद । अरुण मिश्रा को पिता की नौकरी भाई सुभाष चंद्र मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अभय मिश्रा के आपसी समझौते के आधार पर मिली थी।मौत के करीब दो साल बाद अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा के सगे छोटे भाई अरुण मिश्रा ने अपनी चाची रामावती से अपने नाम तथा गांव के पट्‌टीदार और पूर्व प्रधान हरि शरण मिश्र

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर मेंअधिक चोट लगने की बजह से हुई है । शरीर पर कुल आठ चोटों के निशान मिले हैं। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था, जिससे नसों ने काम करना बंद कर दिया और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

Related posts

शंकराचार्य बोले-योगी के पास 6 दिन का समय बचा:गाय को राष्ट्र माता घोषित करें

विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आबकारी विभाग द्वारा 300 किलोग्राम लहन किया गया नष्ट

चलता ट्रक बना आग का गोला:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान