June 5, 2026
Bhaskar News Agency
उत्तर प्रदेश

संदेश महल स्थापना दिवस पर जनपक्षीय पत्रकारिता के छः वर्षों का हुआ आत्मावलोकन

 

भास्कर न्यूज़
मनीष कुमार की खास रिपोर्ट

सूरतगंज बाराबंकी।ग्राम बिबियापुर स्थित “संदेश महल” समाचार पत्र के प्रधान कार्यालय पर शनिवार को स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने “संदेश महल” की पांच वर्षों की पत्रकारिता यात्रा को जनपक्षधरता, प्रतिबद्धता और संघर्ष से परिपूर्ण बताया। साथ ही, आने वाले वर्षों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, और युवाओं के मुद्दों पर विशेष फोकस करने की घोषणा की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामकुमार मौर्य ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे मूलभूत विषयों पर आधारित खबरें ही पत्रकारिता की असली रीढ़ होती हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक दरोगा द्वारा हाईवे पर की गई चेकिंग की रिपोर्टिंग के बाद संबंधित विभाग ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। यह दर्शाता है कि पत्रकारिता न केवल तथ्य उजागर करती है, बल्कि व्यवस्था को जागरूक और जवाबदेह बनाने का भी कार्य करती है।उन्होंने कहा कि खबरें केवल प्रकाशित करने के लिए नहीं होतीं, उनका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और जनहित में सुधार लाना होता है। “जब किसी खबर के बाद प्रशासन हरकत में आता है, तब पत्रकारिता की सार्थकता सिद्ध होती है,” उन्होंने कहा।इस अवसर पर डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की गई। मौर्य ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता प्रिंट तक सीमित नहीं रही। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से खबरें तेजी से और व्यापक रूप में जन-जन तक पहुँच रही हैं। हालांकि इसके साथ ही जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।दीपक शरल, जो पिछले छह वर्षों से “संदेश महल” के संचालन से जुड़े हैं, ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता करना किसी युद्ध से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा समाचार पत्र गाँव और दिल्ली के बीच एक सेतु का कार्य कर रहा है।
खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो
यही आज की पत्रकारिता का असली मर्म है।”
कार्यक्रम के दौरान संपादक जयप्रकाश रावत द्वारा “संदेश महल” की पांच वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि 14 जून 2020 को साप्ताहिक अखबार के रूप में शुरुआत करने वाले इस प्रयास ने 17 अक्टूबर 2023 को दैनिक और 1 दिसंबर 2023 को मासिक पत्रिका का रूप लिया। 23 मई 2025 को इसे न्यूज़ एजेंसी के रूप में दर्ज कराया गया, जो स्थानीय व ग्रामीण पत्रकारों के लिए एक समर्पित नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि “संदेश महल” ने पत्रकारिता को कभी व्यवसाय नहीं बनाया। “हम न टीआरपी की दौड़ में हैं, न विज्ञापन के पीछे। हमारी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ जनता के मुद्दे हैं,” — रावत ने कहा।कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि “संदेश महल” आने वाले वर्षों में जनपत्रकारिता नेटवर्क की शुरुआत करेगा, जिसके तहत प्रत्येक गाँव और ब्लॉक से संवाददाताओं को जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय खबरों को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।कार्यक्रम में सुनीत मिश्रा, धनंजय मिश्रा, मोहम्मद आसिफ, अमित कुमार,मनीष कुमार, पीएन सिंह, अजय सिंह, रामशंकर वर्मा सहित कई अन्य पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।अंत में संपादक संदेश महल जयप्रकाश रावत ने उपस्थित सभी लोगों का आभार ज्ञापित किया।

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