भास्कर न्यूज़ एजेंसी –
भोपाल संवाददाता -कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने सभी एसडीएम से अलग-अलग चर्चा कर जानना चाहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की। उन्होंने हफ्तेभर की मोहलत चारों एसडीएम को दी है कि एक हफ्ते में सभी मेजर प्राइमा फेसी अतिक्रमण बड़े तालाब के किनारे से हटाए जाएं। उन्होंने साफ कर दिया कि अब हर हफ्ते अतिक्रमण हटाने और प्रदूषण रोकने के संबंध में समीक्षा बैठक की जाएगी।
वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया भोपाल
सांसद शर्मा ने पूछा कि भदभदा डेम के पास प्रेमपुरा से 227 झुग्गियां पहले हटाई गई हैं पर अभी भी 26 झुग्गियां बची हैं, वे अभी तक क्यों नहीं हटाई गईं? उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पूरा भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया है। भोपाल की जनता की सहुलियत के लिए मेट्रो ट्रेन की लाइन डालो, तो कहते हैं कि यह वक्फ की जमीन है।
तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्टोरेट में बैठक बुलाई, जिसमें कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह, एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी एसडीएम सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यहां सांसद ने बड़े तालाब का मास्टर प्लान नए सिरे से तैयार करने को कहा, तो कलेक्टर पूछ बैठे कि तालाब के आसपास कितना अतिक्रमण बचा है। इस पर सभी एसडीएम बगलें झांकने लगे।
उन्होंने पूछा कि बड़े तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी ने अब कितने आदेश जारी किए हैं ? कितने आदेशों का पालन किया गया जिला प्रशासन और नगर निगम ने किया है। तालाब के आसपास भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो और एनजीटी के आदेश पर कार्यवाही के लिए कोई टीम गठित की है क्या? इस टीम ने क्या-क्या कार्यवाही की है?
