भास्कर न्यूज़ एजेंसी
संवाददाता कानपुर –
पिता की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। घर में मां और एक बहन है। बहन की पढ़ाई और शादी की जिम्मेदारी मुझ पर है। अपनी कॉलेज फीस भी जमा नहीं कर पा रहा था। मुझे अपना फ्यूचर अंधकार में जाता दिखाई दे रहा था। इस दौरान मुझे शिवम अग्रवाल मिला।
उसने किडनी डोनेट करने के लिए मोटिवेट किया। शिवम कहता था कि फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन 43 साल से एक किडनी की बदौलत जिंदा हैं। 83 साल की उम्र में भी वह फिल्मों में काम कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज की भी दोनों किडनियां खराब हैं, उन्हें भी कुछ नहीं हुआ…।
मुझे एंबुलेंस चलाने वाले शिवम की बातें सही लगने लगीं। वह कहता था कि परिवार का इकलौता सहारा हो, एक किडनी के एवज में परिवार को गरीबी के मुंह से बाहर निकाल सकते हो। परिवार को अच्छी जिंदगी देने के लिए मैंने किडनी बेचने का मन बना लिया।’शिवम ने मेरा ब्रेनवॉश किया। मेरे परिवार के बारे में मुझसे सारी जानकारी ली। फिर कहने लगा कि एक किडनी बेच दो, सारे दुख-दर्द दूर हो जाएंगे। मैंने कहा कि सोचकर बताऊंगा। फिर शिवम मुझे लगातार मैसेज भेजने लगा और फोन कॉल करने लगा। कुछ दिनों बाद मेरी शिवम से दोबारा मुलाकात हुई। मैंने किडनी डोनेट करने से मना कर दिया।
यह कहना है बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले MBA 4th Year स्टूडेंट आयुष का। किडनी डोनेट करने वाला आयुष कानपुर के हैलेट में भर्ती है। हैलेट जाने से पहले मेड इन लाइफ अस्पताल में भर्ती था। जहां उसने IPS सुमेध जाधव से रोते हुए यह दर्द बयां किया है।पुलिस ने 31 मार्च (मंगलवार) को आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत, डॉ राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और दलाल शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
