भास्कर न्यूज़ एजेंसी
फर्रुखाबाद –
बहन की सकुशल वापसी की मन्नत पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ लेकर पैदल निकले श्रद्धालु, कानपुर में करेंगे जलाभिषेक
ओम शक्ति
कम्पिल, फर्रुखाबाद। आस्था, विश्वास और संकल्प का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए कानपुर देहात के ग्राम चंदनपुरवा, तहसील रसूलाबाद निवासी श्रद्धालु सुधांशु सिंह हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकले हैं। मंगलवार को वह प्राचीन तीर्थ नगरी कम्पिल पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी एवं जोगानंद आश्रम में विश्राम किया। बुधवार सुबह उन्होंने अपनी यात्रा के अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया।
सुधांशु सिंह ने बताया कि उनके पिता दुर्गेश सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में एलआईसी में कार्यरत हैं। उन्होंने एचआर में एमबीए की पढ़ाई की है तथा कानपुर स्थित इंडिया मार्क कंपनी में कार्यरत हैं। इस धार्मिक यात्रा के लिए उन्होंने एक माह का अवकाश लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से उन्होंने अपने बाल और दाढ़ी नहीं कटवाई है।
सुधांशु ने बताया कि उनकी बहन सिम्मो यादव रूस की अल्ताई स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। रूस-यूक्रेन युद्ध के हो रहा है उन्हें बहन की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती थी। ऐसे में उन्होंने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी कि यदि उनकी बहन सकुशल एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर भारत लौट आएंगी तो वह हरिद्वार से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा करते हुए कानपुर के रामा देवी चौराहा स्थित एयरफोर्स लेन-3 कलेक्शन सेंटर परिसर में बने शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने बताया कि उनकी बहन 23 जुलाई को सकुशल भारत लौट आईं। इसके बाद वह 26 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे और 27 जुलाई को श्री गणेश घाट से गंगाजल भरकर अपनी पैदल यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान उन्होंने प्रतिदिन 25 से 40 किलोमीटर तक पैदल चलकर विभिन्न पेट्रोल पंपों एवं मंदिरों में रात्रि विश्राम किया। 4 अगस्त को वह प्राचीन तीर्थ नगरी कम्पिल पहुंचे, जहां हनुमानगढ़ी में संत सतीश दास एवं भगवान दास ने उनका स्वागत किया, भोजन-प्रसाद ग्रहण कराया तथा रात्रि विश्राम की व्यवस्था कराई। इसके बाद उन्होंने जोगानंद आश्रम में भी विश्राम किया। बुधवार सुबह वह अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गए।
सुधांशु सिंह ने बताया कि वह अपनी मन्नत पूर्ण होने पर कानपुर पहुंचकर रामा देवी चौराहा स्थित एयरफोर्स लेन-3 कलेक्शन सेंटर परिसर के शिव मंदिर में हरिद्वार का पवित्र गंगाजल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक करेंगे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास तथा बहन की सकुशल वापसी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
