बिजली विभाग में 11 चीफ इंजीनियर ने लिया VRS ,उपभोक्ता परिषद ने चिंता जताई

भास्कर न्यूज़ संवाददाता

27 फरवरी 2025

लखनऊ – बिजली विभाग में निजीकरण को लेकर लगातार विरोध चल रहा है। एक तरफ कर्मचारी इसको लेकर लामबंद है तो दूसरी तरफ विभाग से वीआरएस लेने वाले इंजीनियरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2 महीने में 11 इंजीनियर वीआरएस ले चुके हैं।

इसे लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने चिंता जताई है। परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पहले इंजीनियरों को इस तरफ नौकरी छोड़ कर जाना गंभीर विषय है। इस पर मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को संज्ञान लेना चाहिए।

32500 से 33000 मेगावाट तक डिमांड जाने की जताई उम्मीद

परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा- ऊर्जा सेक्टर में बहुत उतार चढ़ाव आ गए हैं। मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी नौकरी छोड़ रहे हैं। दो महीने में आठ मुख्य अभियंता और तीन अधीक्षण अभियंता वीआरएस ले चुके हैं।

इस मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा करनी चाहिए

उन्होंने कहा- 35 साल से ज्यादा की नौकरी करने वाले वरिष्ठ अभियंता गर्मी के पहले वीआरएस ले रहे हैं। जबकि गर्मियां लगभग शुरू हो चुकी हैं। इस बार अधिकतम डिमांड 32500 से 33000 मेगावाट तक की उम्मीद है। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र में मुख्यमंत्री को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उच्च स्तरीय समीक्षा करनी चाहिए।

Related posts

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत फर्रुखाबाद में 703 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य, आवेदन शुरू

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कायमगंज में परिवार नियोजन कैम्प का सफल आयोजन, 14 महिलाओं की सफल नसबन्दी

बाढ़ राहत कंट्रोल रूम की खुली पोल! कई बार फोन करने पर भी नहीं मिला जवाब, मौके पर भी नहीं मिले जिम्मेदार