भास्कर न्यूज़ एजेंसी
भास्कर ब्यूरो कंपिल/फर्रुखाबाद- चारों युगों की अनमोल विरासत को संजोए तीर्थनगरी कम्पिल में गुरुबार को मार्गशीष (अगहन) मास के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा तिथि के मौके पर बाहर से पधारे साधु संतों व नागरिकों ने तीर्थनगरी की चौबीस कोसी परिक्रमा की। इस दौरान भजन-कीर्तन का दौर भी चला।
नगर के कालेश्वर नाथ मंदिर से बाबा सत्यगिरी महाराज के नेतृत्व में तीर्थनगरी की पांच दिवसीय परिक्रमा गुरुवार को शुरू की गयी। परिक्रमा का शुभारम्भ भाजपा के पूर्व विधायक अमर सिंह खटीक, ब्लॉक प्रमुख पति अरुण दुबे, स्वदेश राजपूत, नवनीत पाण्डेय, नंदराम शाक्य ने सयुक्त रूप से फीता काट कर किया, यह तीर्थ परिक्रमा द्रोपदी कुंड से होते हुए हनुमान गढ़ी, रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन ईमानपुर बिलसड, मे रात्रि विश्राम करेगी, तीसरे दिन द्रौपदीस्वयंवर स्थल बेदू गड्ढा में रात्रि विश्राम करेगी। चौथे दिन शेखपुर मे विश्राम होगा पांचवे दिन कालेश्वर नाथ मंदिर पर आकर परिक्रमा समाप्त होगा । यह तीर्थ परिक्रमा मानव कल्याण के लिए आरंभ की गयी है। साधु संतों की इस पौराणिक नगरी कम्पिल तीर्थ की परिक्रमा में इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, बेबर आदि से पहुंचे साधु, संतों व ग्रामीणों ने भाग लिया। तीर्थ परिक्रमा के दौरान साधु संतों द्वारा हर-हर महादेव, राधे-राधे के साथ धार्मिक भजन कीर्तनों का दौर चला। परिक्रमा का कई स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा जलपान व नाश्ता कराकर जोशीला स्वागत किया गया। अंत में यात्रा संपन्न होने के बाद कालेश्वर नाथ पर भंडारे का कार्यक्रम होगा| संतो ने बताया कि इसी प्रकार से हर वर्ष कंपिल पुरी का परिक्रमा किया जाएगा|