भास्कर न्यूज़ एजेंसी –
नई दिल्ली संवाददाता –
केरल विधानसभा से 24 जून 2024 को प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्रस्ताव के मुताबिक केरल का असल में मलयाली भाषा में नाम केरलम है। हिंदी और दूसरी भाषाओं में इसे केरल कहा जाता है। नाम बदलने का उद्देश्य केरल राज्य की पहचान, भाषा, संस्कृति और विकास को बढ़ावा देना है।कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब राष्ट्रपति ‘केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026’ को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल विधानसभा की राय के लिए भेजेंगे। विधानसभा की राय मिलने के बाद, सरकार संसद में बिल पेश करेगी। संसद से पास होने पर राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। इसमें कुल 12,236 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन रेल प्रोजेक्ट समेत कुल 8 फैसले लिए हैं।
बैठक में पावर सेक्टर में सुधारों पर पॉलिसी से जुड़े फैसले हुए और केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केरल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
कैबिनेट ने तीन नए रेल प्रोजेक्ट के तहत गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के डबलिंग, गम्हरिया-चांडिल और पुनारख-किऊल के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन को मंजूरी दी है। साथ ही श्रीनगर में एक नया एयरपोर्ट टर्मिनल बनेगा और अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2B का एक्सटेंशन होगा।