भास्कर न्यूज़ एजेंसी –
लखनऊ संवाददाता –
लखनऊ में आज 21वें रमजान का जुलूस निकाला गया। नम आंखों के साथ शिया समुदाय के लोग हजरत अली के ताबूत की जियारत किया। ईरान-इजराइल जंग के विरोध में जुलूस के रास्ते में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें सड़क पर चिपकाई गईं।
शिया समुदाय का मानना है कि 19वीं रमजान को हजरत अली जब नमाज के लिए मस्जिद पहुंचे तो उनके ऊपर तलवार से हमला हुआ था। इसके बाद 21वें रमजान को हजरत अली शहीद हो गए थे। उसी घटना को याद करते हुए जुलूस निकाला जाता है।
जुलूस में शामिल अकीदतमंद ‘या अली मौला’ और ‘हैदर मौला’ के नारे लगाते हुए इन तस्वीरों को पैरों से रौंदते हुए गुजरे। नंगे पांव और काले कपड़े पहने महिला-पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों में ताबूत को छूने और चूमने की होड़ मची हुई है।
जुलूस नजफ इमामबाड़ा, सआदतगंज से शुरू होकर कर्बला, तालकटोरा पर समाप्त हुआ। इस दौरान हैदरगंज में परंपरा के मुताबिक कुएं के पास कुछ देर के लिए ताबूत को रोका गया और उस पर काली चादर चढ़ाई गई। करीब 6 किलोमीटर लंबे जुलूस में लगभग 50 हजार लोग शामिल हुए। जुलूस सुबह 5 बजे निकला और 11:30 बजे समाप्त हुआ।