October 7, 2026
Bhaskar News Agency
उत्तर प्रदेश

पचास नामांकन से कम बाले स्कूल बंद करने के निर्णय को औचित्यहीन बता उ० प्र० प्रा०शि० संघ ने किया विरोध प्रदर्शन फैसला

पचास नामांकन से कम बाले स्कूल बंद करने के निर्णय को औचित्यहीन बता उ० प्र० प्रा०शि० संघ ने किया विरोध प्रदर्शन फैसला
– शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार खुद ही अनिर्वाय शिक्षा अधिनियम की धज्जियां उड़ाने पर दिखाई दे रही आमादा
– शिक्षक संघ के प्रदेश व्यापी विरोध के निर्णय से सरकार ने शायद फिलहाल इस निर्णय को टालने की बात कही है
भास्कर न्यूज : –
रिपोर्टर जयपाल सिंह यादव
फर्रुखाबाद -4 नवम्बर024
लगातार यह चर्चा सुनने में आ रही है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पचास से कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने निर्णय लिया है । जिसे उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने औचित्यहीन बताते हुए प्रदेश स्तरीय विरोध करने का निर्णय लिया। संघ के फर्रुखाबाद जिला मंत्री राजकिशोर शुक्ल ने बताया कि गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए पिछली सरकारों ने हर एक किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय और हर तीन किलोमीटर पर जूनियर हाईस्कूल संचालित किए थे।इन स्कूलों की समस्या समाधान करने के बजाय सरकार उन्हें बंद करने पर आमादा है । जिससे शासन खुद ही अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि जब गांव में ही स्थित स्कूल में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए पूरे वर्ष जोरदार कोशिश की जा रही है – फिर दूरस्थ स्कूलों में बच्चे पढ़ने जायेंगे,इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस स्थिति में सम्पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को भी भला कैसे पूरा किया जा सकता है । फिलहाल खबर मिली है कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश व्यापी विरोध के चलते सरकार बैकफुट पर है। अभी – अभी प्राप्त समाचार के मुताबिक महानिदेशक कंचन वर्मा ने पचास से कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने का निर्णय वापस ले लिया है।

Related posts

अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला पर हुआ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

admin

AB News Express का प्रथम स्थापना दिवस कार्यक्रम किया गया आयोजित

admin

जमीन पर हो रहे अबैध कब्जों तथा उर्वरकों की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट कर किसान नेताओं ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

admin

Leave a Comment