भास्कर न्यूज़ एजेंसी
संवाददाता लखनऊ-
लखनऊ में 1076 से जुड़े कर्मचारियों का प्रदर्शन अब तेज हो गया है। साइबर टॉवर में हुए हंगामे के बाद कई कर्मचारी पुलिस कार्रवाई के डर से इधर-उधर छिपते नजर आए। बताया जा रहा है कि एक महिला कर्मचारी खुद को बचाते हुए कामता बस स्टैंड तक पहुंचे, जबकि अन्य कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर छिपकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरे दिन प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि 15 हजार रुपए की सैलरी का वादा करके 7000-8000 रुपए दिए जा रहे हैं। सैलरी भी रोककर दी जा रही है। प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मी ने कहा कि पुलिस उनके साथ मारपीट कर रही है। प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए 10 घंटे का समय दिया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। उन सभी की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का साफ कहना है कि अगर उनकी भर्ती ₹15,000 वेतन पर की गई थी, तो उन्हें आधी सैलरी क्यों दी जा रही है। उनका आरोप है कि न सिर्फ वेतन कम दिया जा रहा है, बल्कि भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा। 60 दिन बाद भी पूरी सैलरी नहीं दी गई और कई महीनों का भुगतान अब भी बकाया है।