भास्कर न्यूज़ एजेंसी
संवादाता लखनऊ –
‘मैं रात 10:30 बजे तक सो गई। रिजल्ट 11:55 बजे अपलोड हुआ। मेरे सर (टीचर) ने मुझे रात में ही फोन किया। उन्होंने कहा- डिप्टी कलेक्टर उठिए। मैं नींद में थी तो मुझे लगा कि यह सपना है। उसके बाद उन्होंने रोल नंबर दोबारा वेरिफाई किया और कहा कि हां आपका ही नाम है। मैंने अपनी बहन को जगाया। उनसे कहा कि रिजल्ट देखिए। जब उन्होंने भी दिखाया कि रिजल्ट में मेरा नाम है तब तसल्ली हो गई। फिर रात में ही मां को जगा दिया। वो जो खुशी थी उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।’
यह कहना है उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)-2024 के हाल ही में आए PCS रिजल्ट में 30वीं रैंक लाने वाली कृतिका चौधरी का। लखनऊ की कृतिका पिछले 6 साल से प्राइमरी टीचर हैं। उनके पिता जीपीओ में कार्यरत हैं। बड़ी बहन इलाहाबाद हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी हैं। छोटी बहन KGMU में बीएससी नर्सिंग कर रही हैं। शुक्रवार को उनके परिवार और रिश्तेदारों ने उन्हें इंदिरानगर में कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया।
मैं पिछले 6 साल से प्राइमरी टीचर के रूप में कार्यरत हूं। उनके पिता जीपीओ में कार्यरत हैं। पैरेंट्स ने तीनों बहनों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी।समाज की ओर से अक्सर 26-28 साल की उम्र में शादी का दबाव बनाया जाता है, लेकिन उनके माता-पिता ने इन दबावों को नजरअंदाज कर उन्हें पढ़ाई के लिए पूरा समर्थन दिया। यही वजह है मेरी सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता को जाता है।कृतिका चौधरी की इस उपलब्धि पर इंदिरानगर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार समेत अन्य पदाधिकारी और समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने कृतिका को माला पहनाकर और बुके देकर सम्मानित किया।