भास्कर न्यूज़ एजेंसी
फर्रुखाबाद –
सावन के दूसरे सोमवार को शिवमय हुआ कंपिल, कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
ओम शक्ति कंपिल
कंपिल, फर्रुखाबाद। प्राचीन तीर्थ नगरी कंपिल में सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शिव की भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह तड़के से ही नगर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। मंदिर परिसर और आसपास के मार्ग दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजते रहे। हजारों शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
नगर के प्रसिद्ध रामेश्वरनाथ, कालेश्वरनाथ, कपिल मुनि आश्रम, भूतेश्वरनाथ, बरखंडीनाथ और गंगेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दूर-दराज क्षेत्रों से आए कांवड़ियों ने अटैना घाट से पवित्र गंगाजल भरकर भगवान शिव का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
65 किलोमीटर दौड़कर डाक कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्त
बदायूं जिले के गुर्जर नगला गांव निवासी सौरभ सिंह, दीपांशु गुर्जर, गौरव, प्रियांशु, आदित्य, अंकुश और सिद्धार्थ डाक कांवड़ लेकर कंपिल पहुंचे। शिवभक्तों ने बताया कि उन्होंने करीब 65 किलोमीटर की दूरी तय की। अटैना घाट से गंगाजल भरने के बाद वे दौड़ते हुए कंपिल पहुंचे और रामेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शिवभक्तों ने बताया कि सावन में भगवान शिव की आराधना और कांवड़ यात्रा को लेकर उनमें विशेष उत्साह रहता है। यात्रा के दौरान रास्ते भर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए वे मंदिर पहुंचे।
51 किलो की कलश कांवड़ लेकर पहुंचे नगर के शिवभक्त
इसी तरह कंपिल नगर के शिवभक्त यश राठौर, अनिकेत यादव और अमित यादव भी अटैना घाट से 51 किलोग्राम की कलश कांवड़ में गंगाजल लेकर रामेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
रामेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के महंत श्री आनंद गिरी महाराज की ओर से श्रद्धालुओं को हलवा, मीठा दूध और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही सतर्क
सावन के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मंदिरों और नगर के मुख्य मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई।
पुलिसकर्मियों ने मंदिरों के आसपास लगातार निगरानी रखी और श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया। कांवड़ियों के आवागमन को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
सावन के दूसरे सोमवार को देर रात तक मंदिरों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। पूरे दिन कंपिल नगरी भगवान शिव की भक्ति में डूबी नजर आई और नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।