भास्कर न्यूज़ एजेंसी
संवाददाता इटावा-इटावा में लूट की एक घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए उसे पूरी तरह फर्जी बताया है। जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने ही पिता, भाई और चाचा के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी बनाई थी। इस साजिश का मकसद ससुराल से मिले जेवरात को अपने पास रखना था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और सभी जेवरात व नकद बरामद कर लिया है।
डायल 112 पर विशाल नाम के युवक ने सूचना दी कि उसकी बहन डौली अपने पति के साथ भिंड जा रही थी। इसी दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लायन सफारी रोड पर केदारेश्वर मंदिर के पास बाइक सवार बदमाशों ने उसके जेवरात लूट लिए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गहन पूछताछ की, जिसमें धीरे-धीरे पूरी सच्चाई सामने आ गई। पता चला कि यह लूट की घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी योजना के तहत झूठी कहानी बनाई गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि डौली ने अपने पिता दिलीप, भाई विशाल और चाचा सौरभ के साथ मिलकर यह पूरा प्लान तैयार किया था। महिला ने जेवरात से भरा बैग अपने परिजनों को दे दिया और फिर पुलिस को लूट की झूठी सूचना दी, ताकि ससुराल के जेवरात को हड़पा जा सके।
एसएसपी के निर्देश में सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विशाल, दिलीप कुमार और सौरभ को केदारेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चूड़ियां, मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल, करधनी और 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
