March 7, 2026
Bhaskar News Agency
उत्तर प्रदेशफर्रुखाबादफर्रुखाबाद

ग्राउन्ड फ्लोर की चटकी दीवारों के बावजूद भी सीएचसी विल्डिंग में लैव हेतु प्रथम तल का हो रहा निर्माण – दे रहा भावी खतरे का संकेत

– निर्माण में प्रयुक्त अब्बल की जगह सेम ईंट तथा मसाले में सीमेन्ट – बालू का अनुपात आदि सब कुछ उड़ा रहा मानक की धज्जियां
– यदि समय रहते इसका समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता
भास्कर न्यूज एजेंसी : –
रिपोर्टर – जयपालसिंह यादव
कायमगंज / फर्रुखाबाद
जनसामान्य को बेहतर एवं निशुल्क व त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन अस्पताल भवन – मेडिसन – वाहन आदि के साथ ही चिकित्सकों तथा अन्य स्टाफ की व्यवस्था करता है । उम्मीद की जाती है कि अस्पताल भवन स्टीमेट के अनुसार मानक के सापेक्ष ही हो जिससे कि भविष्य में खतरे की आशंका ना रहे । किन्तु सोचो कि अगर भवन निर्माण में ही भृष्टाचार का घुन रेंगता दिखाई देने लगे तो फिर भला उस भवन का भविष्य कैसा होगा ?यह एक भृष्टाचार से लवालव चिंता युक्त प्रश्न बन कर , अनुत्वरित ही रह जाता है । खैर जो भी हो किन्तु तहसील मुख्यालय पर सामु० स्वा० केन्द्र कायमगंज में इस समय लैब कक्षों का कराया जा रहा निर्माण कार्य निर्धारित निर्माण मानकों के सापेक्ष नहीं कराया जा रहा है । जिससे भवन के टिकाऊ बने रहने पर लोग संदेह व्यक्त कर रहे हैं । उनका कहना है कि ना जाने तैयार हो जाने के बाद यह निर्माण भविष्य में कब किसी अनहोनी घटना का कारण बन जाए – कुछ कहा नहीं जा सकता है ।
इनसैट : –
नीव ही कमजोर
कायमगंज : –
सीएचसी में लैव कक्ष का निर्माण प्रथम तल के ऊपरी छत बाले भाग पर कराया जा रहा है । उस ग्राउन्ड फ्लोर की वह दीवालें जो अब इस नवनिर्मित कक्ष की नीव हैं , यानिकि इन्हीं दीवारों पर इस कक्ष का पूरा भार रहेगा । ग्राउन्ड फ्लोर वाले मुख्य भवन की दीवारों में ही दरारें पड़ चुकी है । जिससे उनकी कमजोरी दिखाई दे रही है । फिर भला ऐशी स्थिति में भवन का भविष्य कैसा होगा जिसकी नीव ही कमजोर हो?
इनसैट :-
निर्माण सामग्री का प्रयोग भी मानक के अनुरूप नहीं
कायमगंज :-
यहां सीएचसी में निर्माणाधीन लैव भवन के कक्ष निर्माण में प्रयुक्त सामग्री मानक के कतई अनुरूप प्रयोग में नहीं लाई जा रही है । मौके पर अब्बल की जगह दोयम व सेम ईंटों से दीवारों की चिनाई होना एवं सीमेन्ट – बालू के मिश्रण में 1 अनुपात4 की जगह एक बोरी सीमेन्ट के साथ कम से कम 8 या 10 बोरी (फीट ) बालू (रेता ) का मसाला लगाया जाना वहीं वींम व पिलर में सरिया का प्रयोग क्वालिटी व क्वांटिटी के (गुणवत्ता एवं संख्या व भार) के अनुसार ना किया जाना खुले आम निर्धारित मानक सामिग्री प्रयोग के नियम की धज्जियां उड़ा रहा है।कुल मिलाकर इस निर्माण में हो रही धांधली की ओर स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारियों तथा जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास तो करना ही चाहिए ।
इनसैट :-
* आखिर क्यों किया जा रहा अनदेखा*
कायमगंज : –
सरकारी बिल्डिंग निर्माण कार्य के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाने वाली सामग्री व उनकी कंपनियों के नाम दिए जाते हैं। सूत्रों की माने तो इस प्रक्रिया में ठेकेदार द्वारा की जा रही मनमानी एवं धांधली उसका अकेले के वस का नहीं है । स्वास्थ्य विभाग प्रशासन द्वारा लगातार निर्माण कार्य में हो रही धांधली को अनदेखा किया जा रहा है। जिससे भविष्य में होने वाली किसी भी अनहोनी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। आखिर इस भृष्टाचार के पीछे राज क्या है – यदि अधिकारी सही हैं तो फिर मानक विहीन स्वास्थ्य सेवाओं हेतु बनाए जा रहे लैव कक्ष में यह क्या, क्यों, कैसे और किसकी शह पर हो रहा है? ।

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