भास्कर न्यूज़ एजेंसी –
राजस्थान संवाददाता -इधर हड़ताली ऑपरेटर्स ने आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन का कहना है कि वे 28 फरवरी को अजमेर में होने वाली पीएम की रैली में भी बसें नहीं देंगे।हड़ताल के कारण खाटूश्याम मेले के लिए दूसरे राज्यों से आए यात्री जयपुर में ही फंस गए हैं। उदयपुर में एक पैसेंजर्स अहमदाबाद जाने के लिए परेशान होता नजर आया। उसकी मां हॉस्पिटल में एडमिट है।
राजस्थान में प्राइवेट बसों और टैक्सियों की हड़ताल से लाखों पैसेंजर्स फंस गए हैं। करीब 35 हजार बसें सोमवार रात 12 बजे से नहीं चल रही हैं। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर जयपुर, कोटा, उदयपुर, सीकर सहित अधिकतर शहरों में नजर आ रहा है।
पैसेंजर्स की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जयपुर में पुलिस की भी तैनाती की गई है। हड़ताल प्रभावित शहरों के रेलवे स्टेशनों पर भी अचानक भीड़ बढ़ गई है।
15 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स प्रभावित होने का दावा निजी बस ऑपरेटर्स का दावा है कि टैक्सी यूनियन ने भी उनके समर्थन में हड़ताल की है। हालांकि, टैक्सी ऑपरेटर्स के किसी संगठन ने इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
वहीं, प्राइवेट बस संचालकों का कहना है राजस्थान से आने-जाने वाली 35 हजार बसों से डेली 15 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स सफर करते हैं। हड़ताल होने से इन्हें परेशानी होगी।