भास्कर न्यूज़ एजेंसी
फर्रुखाबाद –
*सावन में संदिग्ध पशु अवशेष मिलने से मची हलचल, पुलिस की सतर्कता से टला संभावित विवाद*
*सूचना मिलते ही हरकत में आया पुलिस-प्रशासन, आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा; जांच शुरू*
*अमृतपुर*
थाना राजेपुर क्षेत्र के दौलतपुर चकई के निकट सड़क किनारे संदिग्ध पशु के अवशेष मिलने की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभावित विवाद टल गया। सावन माह में संवेदनशील माने जाने वाले इस मामले की सूचना मिलते ही थाना पुलिस बिना देर किए मौके पर पहुंच गई और पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
बताया जाता है कि बिरसिंहपुर निवासी एवं गौरक्षक दल से जुड़े अभय प्रताप ने सड़क किनारे पड़े संदिग्ध अवशेष देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कराया, ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैले और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र, क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद आलोक कुमार तथा क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा भी मौके और थाने पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते हुए पुलिस को निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक ढंग से जांच करने के निर्देश दिए। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही।घटना की जानकारी मिलने पर गौरक्षक दल, विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांतिपूर्वक वार्ता कर उनकी बात सुनी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। अधिकारियों की सूझबूझ और संवाद के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी गई।गौरक्षक अभय प्रताप द्वारा अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बरामद अवशेषों की पहचान और घटना की वास्तविकता की पुष्टि जांच एवं आवश्यक परीक्षण के बाद ही की जाएगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे कोई शरारती या अराजक तत्व तो नहीं है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद सींग और सिर के अवशेष गोवंश के नहीं, बल्कि भैंस के बच्चे के प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इसकी अंतिम पुष्टि जांच और आवश्यक परीक्षण के बाद ही होगी।