September 16, 2026
Bhaskar News Agency
राजनीति

दिल्ली शराब नीति केस, केजरीवाल-सिसोदिया CBI केस में बरी:मीडिया से बात की, इस दौरान वे रोने लगे, उ

भास्कर न्यूज़ एजेंसी –

दिल्ली संवाददाता –

कोर्ट के बाहर केजरीवाल ने मीडिया से बात की, इस दौरान वे रोने लगे, उन्होंने कहा…

मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इन्होंने झूठा केस लगाया। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। , आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि देश के साथ। इस तरह और संविधान के साथ खिलवाड़ मत कीजिए। आपको सत्ता चाहिए, अच्छे काम कीजिए। आज देश के सामने कितनी बड़ी समस्याएं हैं। महंगाई है, बेरोजगारी है, पूरे देश में सड़कें टूटी पड़ी हैं, चारों तरफ पॉल्यूशन ही पॉल्यूशन है, चारों तरफ देश में इतनी समस्याएं हैं उनका समाधान करके सत्ता में आइए न। केजरीवाल पर आम आदमी पार्टी  पर झूठे केस क्यों करते हैं। इस तरह के झूठे केस करना और चौबीस घंटे विपक्षियों पर ऊटपटांग झूठे केस करना उन्हें जेल में डालना ये प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। इससे देश आगे नहीं बढ़ता। देश तब आगे बढ़ेगा, जब जनता की समस्याओं  का समाधान किया करे        
पिछले कुछ सालों से जिस तरह से बीजेपी शराब घोटाला, शराब घोटाला कर रही थी। हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। आज कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए और हम सबको डिसचार्ज कर दिया। हम हमेशा कहते थे कि हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा है। मैं जज साहब का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमारे साथ न्याय किया। सत्य की जीत हुई। भगवान हमारे साथ है। मोदी जी और अमित शाह जी ने मिलकर आजाद भारत का यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े पांच नेताओं को जेल में डाल दिया। आज तक आजाद भारत के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ। सिटिंग चीफ मिनिस्टर को घर से घसीटकर जेल में डाला गया और छह महीने तक जेल में रखा गया। हमारे उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को दो साल तक जेल में रखा गया। हमारे ऊपर कीचड़ फेंका गया। 24 घंटे टीवी चैनलों पर डिबेट चलती थी, खबरें दिखाई जाती थीं कि…
शराब घोटाला केस में दिल्ली कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीवीआई केस में बरी कर दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को कहा- दोनों के खिलाफ बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है। इस मामले में सिविआई  ने कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।कोर्ट ने सभी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार करते हुए सभी को बरी कर दिया।

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