28 फरवरी 2028
मथुरा में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर के काफिले पर हुआ पथराव । पुलिस वाले हुये चोटिल हालांकि चंद्रशेखर सुरक्षित हैं। वह करनावल गांव से निकल कर भगतिया नगला जा रहे थे। उसी समय भगतनगर में उनके काफिले पर पत्थर फेंके गए।
पत्थरबाजी की घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों और पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर की गाड़ी को घेरकर उन्हें बचाया। कुछ ही मिनटों में उपद्रवी वहां से फरार हो गए। इसके बाद चंद्रशेखर अपनी गाड़ी से उतरे।
चंद्रशेखर दलित बहनों से मिलकर लौट रहे थे इससे पहले चंद्रशेखर मथुरा में 2 सगी बहनों की शादी टूटने के बाद उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा- 2 दलित बेटियों के साथ ज्यादती हुई है । इशारों में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, इन बड़े नेताओं के मुंह से 2 शब्द नहीं निकले। शायद इनका भाव रहा होगा कि आरोपी भी एक खास जाति के लोग हैं। मगर गलत को गलत कहने से क्यों कतराते है और आवाज उठा सकते थे, साथ तो खड़े हो सकते थे। मगर इनका आपसे चुनावी रिश्ता निभाना है।
आप समझ रहे होंगे मैं किनके लिए कह रहा हूं। इस चुनावी रिश्ते को ऐसे समझिए कि वो आपके आत्मसम्मान की रक्षा भी नहीं कर सकते हैं। बताइए इससे बड़ा कोई अपमान हो सकता है क्या? आरोपियों के एक खास जाति से संबंधित होने की वजह से ठीक से कार्रवाई तक नहीं हो पाई है। ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंद्रशेखर बोले- सरकार लीपापोती में लगी दरअसल, लड़कियों के साथ मारपीट करने वाले आरोपी यादव बिरादरी के हैं। मथुरा BJP का गढ़ है, BJP ने पीड़ित परिवार की बेटियों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक मदद दी है। चंद्रशेखर ने इस पर सवाल खड़े किए। कहा- सरकार इस मामले में लीपापोती कर रही है। दिया क्या है, सिर्फ एक-एक लाख रुपए,
असीम अरुण 1 दिन पहले मिलने आए थे 2 सगी बहनों से शादी के दिन हुई छेड़छाड़, मारपीट के बाद सियासत गरमा गई है। BJP, कांग्रेस और बसपा के नेता पहले ही परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि अभी तक सपा का कोई बड़ा नेता नहीं आया है। गुरुवार को BJP विधायक असीम अरुण ने भी परिवार से मुलाकात की थी।