01 अप्रैल 2025
फर्रुखाबाद – जिला गंगा समिति के तत्वाधान में चल रहे गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत गंगा घाट पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं गंगा आरती का आयोजन किया गया। पतित पावनी मां गंगा के घाट पर सभी लोगों ने मिलकर गंगा तट पर स्वच्छता अभियान चलाया।घाट पर फैली गंदगी,पॉलिथीन, खंडित मूर्तियां इत्यादि को एकत्रित कर उनका निस्तारण किया।तत्पश्चात गंगा आरती का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त नवरात्रि के अवसर पर नदियों के नौ स्वरूप की आरती भी की गई जो कि कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। नदियों के स्वरूप में गंगा,यमुना,सरस्वती,नर्मदा, सिंधु,गोदावरी,ब्रह्मपुत्र,रामगंगा,कृष्णा के नौ स्वरूप तैयार किए गए जिसमें क्रमशः निवेदिता,भूमि,सौम्या,तनु,मुस्कान,रचना, प्रिया,अंशु, नेहा ने नदियों का स्वरूप धारण किया।जिसके द्वारा घाट पर उपस्थित सभी लोगों को गंगा एवं अन्य सभी नदियों को संरक्षित करने के लिए भी जागरूक किया। गया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार ने कहा कि नदियां हमारे भारत की धरोहर है।
वर्तमान समय में नदियों का स्वरूप संकुचित होता जा रहा है।नदियां प्रदूषित हो रही है।अतः प्रत्येक व्यक्ति को नदियों को संरक्षित करने का प्रयास करना चाहिए। जिस तरह से हम अपने घर को स्वच्छ और सुंदर रखते हैं उसी तरह से हमें गंगा नदी एवं घाट को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना चाहिए।जिला परियोना अधिकारी निहारिका पटेल ने कहा कि नदियां हमारे लिए जीवन दायिनी है। नदियां निस्वार्थ भाव से मानव जाति को अपना सर्वस्व न्योछावर करती हैं परंतु बदले में हम नदियों को प्लास्टिक, कचरा और गंदगी दे रहे हैं।नदिया हमारे लिए जीवन दायिनी है।नदियों से न सिर्फ हमें जीवन मिलता है बल्कि हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है ।नदियों का हमारे जीवन में आर्थिक महत्व भी है। भारत की कई आबादी नदियों के किनारे अपना जीवन यापन करती है। नदियों के किनारे ही कृषि,पर्यटन,मत्स्य उद्योग एवं ऐसे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं जो लोगों के लिए जीवोकोपार्जन का साधन बनते हैं। इसके अतिरिक्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व भी है।पर्यावरण विशेषज्ञ श्रीमती गुंजा जैन ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है हमारे जनपद से मां गंगा होकर निकलते हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि हमें गंगा मां को स्वच्छ बनाए रखना चाहिए।किसी भी प्रकार की अपशिष्ट वस्तुएं गंगा किनारे नहीं विसर्जित करनी चाहिए। आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल के द्वारा गंगा महाआरती कराई गई।सभी आचार्यों ने विधि विधान से बनारस एवं हरिद्वार की तरह गंगा आरती की। नदियों के स्वरूप बनी सभी बेटियों को सम्मानित भी किया गया। अंत में सभी लोगों को गंगा को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई गई ।इस अवसर पर प्रशिक्षक रोहित दीक्षित,शांतनु कटियार,सुमित कुमार, मीना कटियार,नितिन,वैभव एवं अन्य लोगों की उपस्थिति रही।